स्मृतीबनातून कृतार्थ(पद्य ४४)
जगत आनन्दयज्ञे आमार निमंत्रण
जगत आनन्दयज्ञे आमार निमंत्रण।
धन्य हलो, धन्य हलो मानवजीवन॥
नयन आमार रूपेर पूरे साध मिटाये बेड़ाय घुरे,
श्रवण आमार गभीर सुरे हयेछे मगन॥
तोमार यज्ञे दियेछ भार, बाजाई आमि बाँशि।
गाने गाने गेँथे बेड़ाय प्राणेर कान्ना हासि॥
एखन समय हयेछे कि? सभाय गिये तोमाय देखि—
जयध्वनि शुनिये जाबो ए मोर निवेदन॥
I am invited to the festival of joy in this world. This mortal life is fulfilled. Free of desires my eyes roam this flood of forms. My ears are filled with serious melodies. In your festival I have been asked to play the flute. In each of the songs I will weave the smiles and sobs of the soul. Has the moment arrived when I can go to your court, see you, Listen to the call of victory and proceed
कृतार्थ
विश्व मोद यज्ञाचे मिळाले निमंत्रण
अहो धन्य अहो धन्य हे झाले जीवन
रूप लावण्य इथले निःशंक टिपले
ऐकुनी गभीर सूर कान तृप्त झाले
वाजविण्यास तू हातात दिली बासरी
प्राणांचे रुदन–हास्य पावरी ऐकवी
आली समीप वेला आळवितो भैरवी
ऐकत जयध्वनी घेई त्वा भरून डोळी
नितीन सप्रे
nitinnsapre@gmail.com
020420251620

Very good translation in English but one point is not considered in Marathi poem. Folloing is the point. Second line, this mortal life is fulfilled. This main point is not reflecting in Marathi translation. थोडक्यात ज्यांचे जीवन कृतार्थ आहे त्यांनाच या सोहळ्याचे निमंत्रण आहे.
उत्तर द्याहटवाThanks for reading and responding... अहो धन्य अहो धन्य झाले जीवन आहेच की...mortal life is fullfilled... कृतार्थ जीवन
हटवागुरुदेव टैगोर की कवितायेँ और गीत जैसे हमारे जीवन के हर रंग के लिए बने है l पूजा पर्याय की इस रचना का अत्यंत सुन्दर रूप से अन्तर्निहित भाव के साथ भाषांतर किया गया है, जिसके लिए नीतिन सप्रेजी प्रशंसा एवं धन्यवाद के पात्र है l आशा करती हूँ की वे इस कार्य को आगे बढ़ाते रहेंगे l
उत्तर द्याहटवाप्रयास को सहारने के लिये धन्यवाद.धन्यवाद...आशा करता हूं अन्य रचनाएं भी पसंद आएगी
हटवा
उत्तर द्याहटवा"जगतके आनंदयज्ञ", गुरुदेव की रचना का अति सुन्दर भाषांतर मराठी में नीतिन सप्रेजी द्वारा किया गया l
अपने देश के कृति साहित्यिकों ने जो धरोहर हमें सौंपी है उसको मराठी भाषा के पाठक भी पढ़ने का आनंद उठा सके इसलिए नितीनजी का प्रयास और ज्यादा सराहनीय हो जाता है l
धन्यवाद...आशा हैं अन्य रचनाएं भी पसंद आएगी
हटवा